Wednesday, January 2, 2013

मकान


"टेवे बैठे ग्रह 1 ता 9वें, दाएं दाखिला बोलते हैं,
चलते 12 से घर 9 आवें, असर बाएं देते हैं।"

जन्म कुण्डली के मुताबिक जो ग्रह खाना नं. 1 से 9 तक बैठे हों वह अपना असर मकान के दाखिल होते हुए दाएं हाथ की तरफ ज़ाहिर किया करते हैं और खाना नं. 12 से 10 तक बैठे हुए ग्रह मकान के बाएं तरफ अपना असर ज़ाहिर करते हैं। मकान की बुनियाद डालने के दिन से 3 या 18 साल की मियाद के बाद हर मकान अपना असर ज़रूर देगा। जन्म कुण्डली में बैठे हुए सनीचर का मकान पर खानावार असर इस तरह होगा ।
  1. टेवे वाला अगर मकान बनावे तो काग रेखा । जब सनीचर मन्दा हो तो कौवे की खुराक तक तरसता होवे । निर्धन सब तरफ बर्बादी होगी। लेकिन जब सनीचर उम्दा  नंबर 7, 10 खाली हो तो उम्दा फल होगा। 
  2. मकान जब और जैसा बने, बनने देवें, मुबारक होगा। 
  3. केतु पालन 3 कुत्ते रखे तो मकान बनेगा । वर्ना गरीबी का कुत्ता भौंकता रहे।
  4. अपने बनाये मकान खाना नं. 4 के मुताल्का रिश्तेदार माता खानदान को ज़हर देंगे या माता खानदान बर्बाद होने लग जायेगा।
  5. खुद बनाये हुये मकान औलाद की कुर्बानी लेंगे। मगर औलाद के बनाये हुये मकान टेवे वाले के लिए मुबारक होंगें।  अगर खुद ही बनाने हो तो सनीचर की जानदार अशिया (भैंस-भैंसा) बतौर दान देने या बतौर कुर्बानी जि़न्दा छोड़ देने के बाद मकान की बुनियाद रखें तो सनीचर का औलाद पर मन्दा असर न होगा। फिर भी अगर हो सके तो 48 साला उम्र के बाद ही मकान बनावे तो बेहतर होगा। 
  6. सनीचर के मियाद 36-39 साला उम्र के बाद मकान बनाना मुबारक होगा। वर्ना अपनी लड़कियों के रिश्तेदारों को तबाह करेगा। 
  7. अव्वल तो बने बनाये मकान ही बहुत मिलेंगे जो मुबारक होंगे। अगर उल्टा बिकने ही लगे तो सबसे पुराने मकान की दहलीज़ कायम रखना सब कुछ वापिस दिलवा देगा। 
  8. मकान बनना शुरू हो तो मौतें गूंजने लगे। सनीचर अब राहु केतु की हालत पर अच्छा या बुरा असर देगा। 
  9. टेवे वाले की औरत के पेट में बच्चे के वक्त अपनी कमाई से बनाया हुआ मकान पिता को आसूदा हाल या जि़न्दा न छोड़ेगा और जब टेवे वाले के पास 3 जुदा-जुदा रिहायशी मकान कायम हो जायेंगे तो उसका आखिरी वक्त (मौत) पहंुच चुका गिनेंगे। 
  10. जब तक मकान न बनावे सनीचर मकान बनाने के लिए सामान जमा करने की कीमत नगद रूपया देता जायेगा। लेकिन जब मकान बन जावे सनीचर बिस्तर तक भी उठाकर ले भागे बल्कि ढूंढने पर भी निशान न मिलेगा और आमदन खत्म होगी। 
  11. मकान अमूमन देरी से 55 साला उम्र के बाद बनेगा । दक्कन के दरवाज़े वाले मकान के साथ (रिहायश) से लम्बा अर्सा लेटना (गल सढ़कर मरना) पड़ेगा। 
  12. सांप (सनीचर) और बन्दर (सूरज) जो कभी अपना बिल या घर नही बनाते अब मकान बनाना सीख लेंगे। यानि अब मकान खुद ब खुद बनेंगे जो मुबारक होंगे। ख्वाह अब सनीचर के साथ सूरज भी नम्बर 12 में ही होवे। टेवे वाले को चाहिए कि बनते मकान को न रोके  जैसा बने, बन ही लेने देवें। 

वर्षफल के हिसाब से जिस साल सनीचर, राहु केतु से ताल्लुक वाले असूल से जाति सुभाओ में नेक असर का साबित हो रहा हो या राहु केतु के साथ ही बैठा हो तो मकानात बनेगें। लेकिन जब राहु केतु का साथ तो हो मगर सुभाओ के हिसाब से बुरे असर का साबित होवे तो बने बनाये मकान बिकवा या गिरवा देगा और उसका मन्दा असर होगा। खाना नं. 2 मकानात की हालत बतायेगा और खाना नं. 7 मकानों का सुख दुख बताता होगा।

मकान बनाने से पहले तमाम और कुल तह ज़मीन को एक ही गिनकर उसके गोशे या कोने देखे जावें। 4 गोशे वाला रकबा सबसे उत्तम होगा, जिसका हर एक कोना 900 का हो। तीन, पांच या ज्यादा कोने वाला रकबा मन्दा ही होगा। मकान की बुनियादें रखने से पहले तह ज़मीन पर चन्द्र के उपाय से खानदानी  नेक व बुरे नतीजे देख लेना भी ज़रूरी होगा। क्योंकि मकान की तह ज़मीन का मालिक चन्द्र होता है। मकान में आने जाने का सबसे बड़ा दरवाज़ा बतरफ मशरिक हो तो सबसे उत्तम मगर जनूब का दरवाज़ा मनहूस ही होगा। बन्द गली का आखिरी मकान भी मन्दा ही होगा। जन्म कुण्डली में दूसरें ग्रहों का जायज़ा ले लेना भी बेहतर होगा।

मिसाल के तौर पर एक सिविल इंजीनियर की जन्म कुण्डली जिसने सल्तनत-ए-ओमान में मकानात/इमारत बनाने वाली कम्पनी में कई साल काम किया। उसने अपना मकान  भी कई बार तोड़ा और कई बार बनाया। समझदार के लिए इशारा ही काफी।

चन्द्र सनीचर मुश्तर्का, चन्द्र ग्रहण खाना नं. 1 और खाना नं. 7,10 खाली। मकान में कई बार तोड़ फोड़ की । मकान को लेकर परिवार में झगड़ा हुआ जो अदालत तक गया। तह ज़मीन का बटवारा हुआ और मकान तोड़कर फिरसे बनाना पड़ा। इस तरह चन्द्र सनीचर के झगड़े में धन (चन्द्र) और मकान (सनीचर) दोनो का नुक्सान हुआ।

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